झारखंड में 'महागठबंधन' के भीतर रार: विधि-व्यवस्था और 'सांप' वाले बयान पर कांग्रेस आक्रामक, हेमंत सोरेन से होगी सीधी बात
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झारखंड में 'महागठबंधन' के भीतर रार: विधि-व्यवस्था और 'सांप' वाले बयान पर कांग्रेस आक्रामक, हेमंत सोरेन से होगी सीधी बात

Rift within Jharkhand Grand Alliance

Rift within Jharkhand's 'Grand Alliance'

रांची। Rift within Jharkhand's 'Grand Alliance' झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने राज्य में विधि-व्यवस्था को लेकर चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत होगी। मुख्यमंत्री अभी असम में चुनावी सभाएं कर रहे हैं और ऐसे में माना जा रहा है कि असम चुनाव के बाद ही इस मुद्दे पर चर्चा होगी।

असम चुनाव में झामुमो के साथ गठबंधन नहीं होने के सवाल पर राजू ने कहा कि इस मुद्दे पर अब बातचीत का कोई मतलब नहीं है। दोनों दलों के प्रदर्शन के आधार पर अब आनेवाले दिनों में बातचीत होगी।

इसके पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के.राजू ने चाईबासा में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण को लेकर चले नौ दिवसीय कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस दौरान उन्होंने निकाय चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करनेवाले नेताओं को बधाई दी। जीत दर्ज करनेवालों के साथ-साथ उनकी टीम को भी सराहा। चुनाव में जिन लोगों की हार हुई उसकी जिम्मेदारी स्वयं राजू ने अपने ऊपर ली।

राज्यसभा चुनाव पर चुप्पी

राज्यसभा चुनाव में झारखंड की दो सीटों को लेकर राजू ने कुछ भी बोलने से परहेज किया। महागठबंधन को दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए 54 से अधिक मतों की आवश्यकता होगी। आईएनडीआईए गठबंधन के पास झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के चार और माले के दो विधायकों को मिलाकर प्रथम वरीयता के 56 मत हैं।

कहने को तो नई सरकार के गठन के बाद से ही कांग्रेस सरकार के दबाव में काम कर रही है। पिछले दिनों कांग्रेस विधायकों ने पार्टी आलाकमान से मिलकर इसकी शिकायत भी की थी।

इसके बाद कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप, सुरेश बैठा, नमन विक्सल कोंगाड़ी, भूषण बाड़ा, सोनाराम सिंकू को पार्टी में अधिक महत्व मिलता दिख रहा है।

इस बीच पूर्व विधायकों योगेंद्र साव, निर्मला देवी और अम्बा प्रसाद ने सरकार विरोधी बयान देकर कांग्रेस का असहज कर दिया है। एक ही परिवार के तीनों पूर्व विधायकों ने लगातार राज्य सरकार के विरोध में बयान दिए हैं। अम्बा केंद्रीय टीम में सचिव भी हैं।

'माइनिंग माफिया के खिलाफ जारी रहेगा आंदोलन'

इनकी बातों को तरजीह देते हुए मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के.राजू ने कहा- माइनिंग माफिया और जिला प्रशासन के खिलाफ कांग्रेस उग्र आंदोलन जारी रखेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई नहीं हो रही, 70 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। लगे हाथ उन्होंने समन्वय समिति और 20 सूत्री कमेटियों के गठन की मांग भी की।

हजारीबाग के विष्णुगढ़ में बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना और धनबाद में एक विशेष समुदाय के व्यक्ति को सड़क पर पैरेड कराए जाने के खिलाफ कांग्रेस ने जिला प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बड़ी बात यह है कि अभी तक कांग्रेस ने कहीं भी राज्य सरकार और उसके मुखिया के खिलाफ मुंह नहीं खोला है। कांग्रेस का हमला बीडीओ, थानेदार, डीएस और एसपी तक सीमित है।

झामुमो नेताओं के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं दी

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के.राजू ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के कुछ नेताओं के आपत्तिजनक बयानों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उनसे मीडियाकर्मियों ने जब पूछा कि कांग्रेस को झामुमो के एक नेता ने सांप करार दिया है तो के.राजू ने कोई जवाब नहीं देते हुए स्पष्ट रूप से अपना रुख बताया और कहा कि कांग्रेस अब तमाम मुद्दों पर मुख्यमंत्री से बात करेगी।

ज्ञात हो कि कुछ मीडिया में झामुमो महासचिव को कोट करते हुए बताया गया है कि उन्होंने कांग्रेस को सांप करार दिया है। इस मसले पर कांग्रेस के कई नेताओं में भी नाराजगी देखी गई। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशाेर ने कहा कि सांप का उदाहरण भाजपा को लेकर दिया गया था।